[1]
2024. पाणिनीय व्याकरण की आधुनिक भाषाविज्ञान में प्रासंगिकता: एक विश्लेषणात्मक साहित्यिक शोध-अध्ययन. थाती शोध पत्रिका. 1, 4 (Sep. 2024), 27–40.