[1]
“पाणिनीय व्याकरण की आधुनिक भाषाविज्ञान में प्रासंगिकता: एक विश्लेषणात्मक साहित्यिक शोध-अध्ययन”, थाती शोध पत्रिका, vol. 1, no. 4, pp. 27–40, Sep. 2024, Accessed: Oct. 19, 2026. [Online]. Available: https://thati.net/index.php/thati/article/view/16