भारतीय दृश्य कला में पारंपरिक और आधुनिक शैलियों का तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • Parhlad Singh Ahluwalia Author
  • डॉ. प्रकाश दास खाण्डेय Author

Keywords:

दृश्य कला, पारंपरिक शैली, आधुनिक शैली, भारतीय चित्रकला, सांस्कृतिक विरासत, समकालीन कला

Abstract

यह शोध-पत्र भारतीय दृश्य कला में पारंपरिक और आधुनिक शैलियों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। भारतीय पारंपरिक कला में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति प्रमुख रही है, जैसे कि अजंता की गुफा चित्रकारी, मधुबनी, राजस्थानी लघुचित्र आदि। दूसरी ओर, आधुनिक भारतीय कला ने आत्म-अभिव्यक्ति, नवाचार और सामाजिक आलोचना को केंद्र में रखा है, जिसका प्रतिनिधित्व अमृता शेरगिल, एम. एफ. हुसैन, एस. एच. रज़ा जैसे कलाकारों ने किया। यह अध्ययन दोनों शैलियों की शैलीगत विशेषताओं, विषयवस्तु, तकनीकों और सामाजिक प्रभावों की तुलना करता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय दृश्य कला समय के साथ किस प्रकार परिवर्तित हुई है, और किस प्रकार उसकी जड़ें सांस्कृतिक परंपरा में बनी रही हैं।

 

Author Biographies

  • Parhlad Singh Ahluwalia

    सम्पादक, शोध प्रकाशन, हिसार, हरियाणा

     

  • डॉ. प्रकाश दास खाण्डेय

    विभागाध्यक्ष, ललित कला विभाग, रोहतक, हरियाणा

     

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Published

2025-06-30

How to Cite

भारतीय दृश्य कला में पारंपरिक और आधुनिक शैलियों का तुलनात्मक अध्ययन. (2025). थाती शोध पत्रिका, 2(3), 1-8. https://thati.net/index.php/thati/article/view/24

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