अष्टाध्यायी में संधि नियम और उनकी वैज्ञानिकता: एक विश्लेषणात्मक साहित्यिक शोध

Authors

  • Parhlad Singh Ahluwalia Author

Keywords:

अष्टाध्यायी, संधि, पाणिनि, वैज्ञानिकता, ध्वनि-विज्ञान, संगणकीय भाषाशास्त्र

Abstract

महर्षि पाणिनि कृत अष्टाध्यायी संस्कृत व्याकरण-परम्परा का शिखर ग्रन्थ है, जिसमें भाषा-संरचना को अत्यंत संक्षिप्त, सूत्रबद्ध तथा तर्कसंगत रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस शोध-पत्र का उद्देश्य अष्टाध्यायी में वर्णित संधि-नियमों का विश्लेषणात्मक साहित्यिक अध्ययन करते हुए यह प्रमाणित करना है कि ये नियम केवल भाषिक परंपरा के अनुसरण मात्र नहीं, अपितु एक सुव्यवस्थित, स्वयंसिद्ध (axiomatic), तथा एल्गोरिद्मिक (algorithmic) प्रणाली पर आधारित हैं, जिनकी तुलना आधुनिक भाषा-विज्ञान तथा संगणकीय भाषाशास्त्र (Computational Linguistics) की प्रणालियों से की जा सकती है। शोध में पाणिनीय शिक्षा-परम्परा, महाभाष्य, वाक्यपदीय जैसे प्राचीन ग्रंथों तथा आधुनिक भाषावैज्ञानिकों के मतों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। निष्कर्षतः यह स्पष्ट होता है कि पाणिनि की संधि-व्यवस्था ध्वनि-विज्ञान (Phonology), रूपिम-विज्ञान (Morphology) तथा गणनात्मक तर्कशास्त्र के समन्वय का अद्वितीय उदाहरण है, जो आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं प्राकृतिक भाषा संसाधन (NLP) के क्षेत्र में भी प्रासंगिक सिद्ध हो रही है।

 

Author Biography

  • Parhlad Singh Ahluwalia

    डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड बिज़नेस स्टडीज, जामिया हमदर्द, नई दिल्ली

     

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Published

2026-06-29

How to Cite

अष्टाध्यायी में संधि नियम और उनकी वैज्ञानिकता: एक विश्लेषणात्मक साहित्यिक शोध. (2026). थाती शोध पत्रिका, 3(3), 1-11. https://thati.net/index.php/thati/article/view/32

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