भारत में महिला सशक्तिकरण: चुनौतियाँ और अवसर

Authors

  • डॉ. अशोक कुमार Author

Keywords:

महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, पितृसत्ता, श्रम-बल भागीदारी, अंतर्विभाजकता, हिंदी नारी-चिंतन

Abstract

यह शोध-पत्र भारत में महिला सशक्तिकरण की वर्तमान दशा, उसके मार्ग की संरचनात्मक चुनौतियों और उभरते अवसरों का विश्लेषणात्मक साहित्यिक अध्ययन है। इसमें हिंदी एवं अंग्रेज़ी की पुस्तकों, सरकारी सर्वेक्षणों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिवेदनों, विधिक अभिलेखों और समकक्ष-समीक्षित शोध-लेखों का विषयगत विश्लेषण किया गया है। सभी स्रोत वर्ष 2022 तक के हैं। निष्कर्ष बताते हैं कि भारत ने स्त्री-शिक्षा, वित्तीय समावेशन और स्थानीय राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय प्रगति की है। श्रम-बाज़ार में गुणवत्तापूर्ण भागीदारी, संपत्ति पर नियंत्रण, अवैतनिक देखभाल-कार्य के न्यायसंगत बँटवारे और हिंसा से सुरक्षा के मोर्चों पर गहरे अंतराल अब भी बने हुए हैं। अध्ययन "पहुँच से नियंत्रण तक का अंतराल" और "त्रि-स्तरीय सशक्तिकरण" जैसी विश्लेषणात्मक अवधारणाएँ प्रस्तावित करता है। इनके माध्यम से तर्क दिया गया है कि सशक्तिकरण केवल संसाधनों की उपलब्धता नहीं, बल्कि निर्णय-क्षमता, सामाजिक मानदंडों में परिवर्तन और संस्थागत जवाबदेही का समेकित परिणाम है।

 

Author Biography

  • डॉ. अशोक कुमार

    सहायक प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हिसार, हरियाणा

     

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Published

2024-03-25

How to Cite

भारत में महिला सशक्तिकरण: चुनौतियाँ और अवसर. (2024). थाती शोध पत्रिका, 1(2), 24-38. https://thati.net/index.php/thati/article/view/9

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